
रायगढ़, 19 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को वेतन, 5 प्रतिशत एरियर्स और इंसेंटिव भुगतान में लगातार हो रही देरी से जिले में गंभीर असंतोष की स्थिति बन गई है। कर्मचारियों का कहना है कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद प्रशासनिक उदासीनता के कारण उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है, जिससे आर्थिक संकट और मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
750 कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं, सीएचओ का इंसेंटिव भी लंबित
रायगढ़ जिले में लगभग 750 एनएचएम संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 230 सीएचओ शामिल हैं। जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर 2025 को अक्टूबर माह का वेतन जारी किया गया, जबकि नवंबर माह का वेतन अब तक लंबित है। इसके साथ ही जुलाई 2023 से देय 5 प्रतिशत एरियर्स का भुगतान भी नहीं हुआ है। वहीं सीएचओ को जून 2025 से इंसेंटिव राशि नहीं मिल पाई है।
टीडीएस जमा न होने से आयकर परेशानी
इंसेंटिव भुगतान में देरी के कारण टीडीएस की कटौती की गई राशि समय पर भारत सरकार के खाते में जमा नहीं हो पा रही है। इससे कई स्वास्थ्यकर्मी आयकर रिटर्न दाखिल करने और रिफंड प्राप्त करने में परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
बजट होने के बावजूद भुगतान नहीं
संघ का आरोप है कि राज्य स्तर से 1 दिसंबर 2025 को रायगढ़ जिले को 15.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सीमा स्वीकृत की गई थी, जिसमें वेतन, एरियर्स और इंसेंटिव भुगतान का प्रावधान शामिल है। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में समय पर एरियर्स और इंसेंटिव का भुगतान हो चुका है।
पूर्व में भी करना पड़ा आंदोलन
वेतन देरी की समस्या को लेकर एनएचएम कर्मचारियों को पहले भी 18 अगस्त से 19 सितंबर 2025 तक अनिश्चितकालीन आंदोलन करना पड़ा था। इसके अलावा दो बर्खास्त कर्मचारियों के पूर्व कार्यकाल के एरियर्स का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है।
संघ ने 24 दिसंबर तक भुगतान की मांग की
कर्मचारी संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि 24 दिसंबर 2025 तक सभी लंबित वेतन, एरियर्स और इंसेंटिव का भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा भविष्य में नियमित भुगतान की स्थायी व्यवस्था की जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी गई है, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।




